हरियाणा में 79 दिन के डीजीपी रहे ओपी सिंह सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में रहे। कई ऐसे मुद्दे भी रहे जिनको लेकर वे ट्रोल भी हुए। उन्होंने यह भी माना कि दुर्भाग्यपूर्ण हालात में उन्हें प्रदेश की कमान मिली।उनके सबसे चर्चित फैसलों में VIP सिक्योरिटी में कांट-छांट रहा। उन्होंने 72 वीआईपी की सिक्योरिटी हटाई। जिसमें चौटाला परिवार के सदस्य भी शामिल रहे। कुछ पुलिस का कहना है कि इससे पहले शायद ही कभी एक साथ इतनी संख्या में सिक्योरिटी रिव्यू हुआ होगा। रिटायरमेंट से 3 दिन पहले ही पानीपत में एक वीआईपी द्वारा सिक्योरिटी लेकर विजिटर के साथ फोटो सेशन कराने पर ओपी सिंह नाराज हुए। उन्होंने पानीपत एसपी को पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए। मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के रहने वाले आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह 14 अक्टूबर को हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी बने थे। सिंह हरियाणा में नशे के खिलाफ राहगीरी कॉन्सेप्ट लाकर चर्चा में आए थे। बाद में राहगीरी को सरकार ने एडॉप्ट किया और ये फॉर्मूला काफी पॉपुलर हुआ। ओपी सिंह तत्कालीन सीएम मनोहरलाल खट्टर के विशेष सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। सिंह दिवंगत फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बहनोई हैं l सुशांत ने अपनी मां के निधन के बाद ओपी सिंह के घर रह कर ही पढ़ाई-लिखाई की थी। उनकी डेथ के बाद ओपी सिंह ने उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई भी लड़ी। अब पढ़िए वो 4 विवाद, जिनसे ओपी सिंह चर्चा में आए... अब पढ़िए ओपी सिंह के वो बयान जो सुर्खियों में रहे थार और बुलेट चलाने वालों का दिमाग खराब होता है। सड़क पर स्टंट करने वाले बदमाश हैं, शौक के नाम पर कानून नहीं तोड़ने देंगे। VIP सुरक्षा कोई स्टेटस सिंबल नहीं, खतरा होगा तभी मिलेगी। गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले गायक भी अपराधी माने जाएंगे। कानून सबके लिए बराबर है, चाहे नेता हो या कलाकार। पुलिस का काम इमेज बनाना नहीं, अपराधियों को पकड़ना है। गन कल्चर गाने में नहीं, थाने में खत्म होगा। फिरौती मांगने वाले बदमाश गिड़गिड़ाते हैं। जेलों में बदमाशों से टॉयलेट साफ करवा रहे। 2 पॉइंट में पढ़िए विदाई में क्या कहा...