अपने बंगाल दौरे के दूसरे दिन अमित शाह ने कोलकाता में ममता सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया. उन्होंने पूछा कि क्या कोई राज्य सरकार अपने राज्य को घुसपैठियों की पनाहगाह बना सकती है. अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे को उजागर करते हुए कहा कि ममता सरकार के पास बंगाल में घुसपैठ रोकने की कोई योजना नहीं है और वे आर्टिकल 370 हटाने और सीएए लाकर शरणार्थियों को नागरिकता देने के विरोधी हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल सरकार सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन नहीं देती, जिससे सीमा सुरक्षा प्रभावित हो रही है. अमित शाह ने पंजाब, गुजरात, राजस्थान, त्रिपुरा और कश्मीर की सीमाओं की तुलना करते हुए बताया कि सिर्फ बंगाल में ही घुसपैठ हो रही है क्योंकि वहां की सरकार निगरानी में लापरवाही बरत रही है और धीरे-धीरे डेमोग्राफी बदलकर वोट बैंक को मजबूत कर रही है.