केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से चुनाव में जीत का लक्ष्य तय करने को कहा। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- दिल पर लिख लो, इस बार हमारी सरकार। शाह ने कहा- ममता सरकार ने ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा दिया था, लेकिन आज उनके कार्यकाल में सुरक्षित नहीं है। बंगाल में महिलाएं असुरक्षित हैं, जमीन पर माफियाओं का कब्जा है और लोग पलायन को मजबूर हैं। शाह ने कहा कि घुसपैठिए न सिर्फ अर्थव्यवस्था पर बोझ हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान के लिए भी खतरा हैं। शाह ने कहा- ममता सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। करोड़ों रुपए के घोटाले हुए हैं, जिनमें शिक्षक भर्ती घोटाला, SSC घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, कोयला घोटाला, राशन घोटाला, एमजीएनआरईजीए घोटाला और पीएम आवास योजना घोटाला शामिल हैं। गृह मंत्री ने कहा- 2016 से 2025 के बीच भाजपा के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। अब समय आ गया है कि उन बलिदानों का फल दिया जाए। अब समय आ गया है कि हम ऐसा 'सोनार बांग्ला' बनाएं जो स्वामी विवेकानंद, कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर, चैतन्य महाप्रभु और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों का बंगाल हो। शाह ने कहा- 2016 से 2025 तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने असाधारण संघर्ष किया है। अपने 42 सालों के सार्वजनिक जीवन में मैंने ऐसा बलिदान और समर्पण कभी नहीं देखा। ममता सरकार के उत्पीड़न और दमनकारी राजनीति के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता अडिग रहे हैं। उन्होंने कोलकाता और आसपास के इलाकों से 28 में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। कोलकाता और उससे सटे शहरी इलाकों में जादवपुर, दमदम और मध्य कोलकाता की जोरासांको, श्यामपुकुर जैसी सीटें शामिल हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अपने करीब एक घंटे के भाषण में शाह ने भवानीपुर सीट का भी जिक्र किया, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 का उपचुनाव जीता था। पार्टी के सीनियर नेताओं के मुताबिक, शाह का फोकस कोलकाता बेल्ट पर है, जिसमें कोलकाता, पूर्व और दक्षिण में उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पश्चिम में हुगली नदी के पार हावड़ा जिला शामिल हैं। इन इलाकों में करीब 140 विधानसभा सीटें हैं, जहां पार्टी कमजोर मानी जाती है।