देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। 14वें मृतक का नाम अरविंद (43) पिता हीरालाल है। वह कुलकर्णी भट्टा का रहने वाला था। रविवार को वह भगीरथपुरा में काम करने के लिए पहुंचा था, तबीयत खराब होने पर घर लौट गया। इस पर घर पर रहकर ही दवाइयां ले रहा था। इसके बाद परिजन उसे लेकर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। अरविंद के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैंं जो अलग रहते हैं। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। अभी दूषित पानी से प्रभावित 162 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। बुधवार शाम सीएम डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे। अलग-अलग अस्पताल जाकर बीमार लोगों से मुलाकात की। इसके बाद अधिकारियों की बैठक ली। सीएम ने बैठक में कहा- ऐसी कष्टदायक स्थिति फिर कभी निर्मित न हो। आप सब इसके व्यापक प्रबंध करने में जुटें। जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा- रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में हिस्सा लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बाहर आए तो मीडिया ने सवाल किए। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को इलाज में खर्च पैसों का रिफंड न मिलने को लेकर विजयवर्गीय ने कहा- अरे छोड़ो यार...तुम फोकट सवाल मत पूछो। इस पर रिपोर्टर ने कहा- यह फोकट सवाल नहीं है। हम वहां होकर आए हैं। इसके जवाब में मंत्री विजयवर्गीय ने झल्लाते हुए अपशब्द कह दिए। हालांकि, कुछ ही देर बाद उन्होंंने X पर पोस्ट कर अपने शब्दों पर खेद जताया। देखिए, दो तस्वीरें... कांग्रेस ने मांगा विजयवर्गीय का इस्तीफा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए X पर लिखा- @drmohanyadav51 जी, यह क्या तमाशा कर रही है आपकी सरकार और आपके मंत्री। न पीड़ितों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, न संवेदना, ऊपर से आपके अहंकारी मंत्री अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। थोड़ी सी भी शर्म बची है तो ऐसे बदतमीज मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लीजिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के मामले में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दो जनहित याचिकाएं लगाई गई हैं। इनमें से एक इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी जबकि दूसरी भागीरथपुरा निवासी राहुल गायकवाड़ ने लगाई है। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं पर बुधवार को संयुक्त सुनवाई की। इसमें दोनों याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिनव धनोत्कर और ऋषि कुमार चौकसे ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि क्षेत्र में हालात काफी बिगड़ रहे हैं। कई मरीज अस्पताल में एडमिट हैं और मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, शासन की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा- इंदौर के 10 अस्पतालों में भागीरथपुरा के सभी मरीजों का फ्री इलाज किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा- यह तो करना ही पड़ेगा। इस पूरे मामले की रिपोर्ट 2 जनवरी को डिटेल में पेश करें कि कितने मरीज का इलाज किया गया और कितनी मौत हुई हैं? कांग्रेस ने बनाई 5 सदस्यीय जांच समिति कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, जयवर्धन सिंह, बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत, तराना विधायक महेश परमार और सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल शामिल हैं। भोपाल में भी अलर्ट, पानी की जांच करने पहुंची टीम इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मौतों को लेकर भोपाल नगर निगम भी अलर्ट हो गया है। महापौर मालती राय ने नगर निगम के सब इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और सुपरवाइजर को निरीक्षण करने को कहा है। वहीं, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पीने की पाइप लाइन जांचने के लिए बुधवार को नगर निगम की टीम अवधपुरी पहुंची। कुछ घरों से पानी के सैंपल भी लिए। इंदौर में पानी से मौतें… और सस्पेंशन-मुआवजे का सरकारी ड्रामा