इंदौर के भागीरथपुरा में 14 लोगों की जान दूषित पानी की वजह से ही गई है। इसकी पुष्टि गुरुवार को महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट से हो गई। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने कहा- सैंपल की जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है। उधर, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मंत्री विजयवर्गीय के सामने नाराज हुईं महिलाएं इससे पहले गुरुवार सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे। इस दौरान 7 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए के चेक दिए जाने थे। परिजन ने मंत्री की मौजूदगी में नाराजगी जताते हुए कहा- हमें आपका चेक नहीं चाहिए। विजयवर्गीय स्कूटर पर सवार होकर भागीरथपुरा पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। इसका वीडियो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में एक महिला कहती दिख रही है- पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। जीतू ने X पर लिखा- पूरा मोहल्ला बीमार है, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री जी ने गाड़ी आगे बढ़ा ली और बहन की बात तक नहीं सुनी। महिला बोली- अस्पताल वाले पैसे मांग रहे भागीरथपुरा की निधि यादव गोद में बच्चा लिए अस्पताल के पास बदहवास घूम रही थीं। उनके साथ ननद पिंकी भी थीं। कुछ नेताओं ने दोनों को रोकने की कोशिश की तो वे नाराज हो गईं। निधि तल्ख लहजे में बोलीं- मेरी 70 साल की सास रामलली यादव 7 दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल वाले स्लिप देकर पैसे मांग रहे हैं। उनकी किडनी फेल हो गई है। उनको कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? ये दो लाख रुपए देकर सास लौटा देंगे क्या हमको? हमारे पेट में दर्द है, फिर भी बच्चे लेकर दौड़ रहे हैं। मंत्री जी से मिलने गए तो उनके लोगों ने मिलने भी नहीं दिया। CMHO ने बताया- 201 मरीज एडमिट, 32 ICU में...71 डिस्चार्ज सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि गुरुवार को 1714 घरों का सर्वे किया गया। 8571 लोगों की जांच की गई। 338 मरीजों को स्पॉट पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। आज तक कुल 272 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए थे। जिनमें से 71 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 201 है। इनमें से 32 ICU में हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने इंदौर में अफसरों के साथ बैठक की दूषित पानी सप्लाई मामले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय दुबे गुरुवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने उस जगह का निरीक्षण किया, जहां से दूषित पानी सप्लाई लाइन में मिलने की आशंका है। उन्होंने देखा कि पानी कहां से आ रहा था और कहां सप्लाई किया जा रहा था। इसके बाद दुबे ने नगर निगम जिला प्रशासन के अफसरों के साथ बैठक की। इसमें कहा- शहर में अन्य स्थानों पर भी पेयजल सप्लाई की रैंडम सैंपलिंग कराई जाए। चेक कराया जाए कि कहीं और तो दूषित पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। उन्होंने पेयजल से संबंधित मामलों को पेंडिंग नहीं रखने और जनहित को ध्यान में रखते हुए त्वरित स्वीकृति देने को भी कहा। दुबे इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे कि कहां चूक हुई है और इस मामले में कौन जिम्मेदार है? सांसद बोले- भागीरथपुरा में 10 नई बोरिंग होंगी इंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी गुरुवार को भागीरथपुरा पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के साथ मिलकर इलाके का दौरा किया। प्रभावित लोगों से मुलाकात भी की। सांसद लालवानी ने कहा- यहां के लोगों की डिमांड थी कि इलाके में और भी बोरिंग होनी चाहिए। इस पर हमने सांसद निधि से तुरंत 10 बोरिंग स्वीकार की हैं। मशीन बुलाकर काम भी शुरू करा दिया है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों के परिजन बोले- हम नर्क में रहते हैं इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा प्रभावित अस्पतालों में भर्ती हैं। भागीरथपुरा की गलियों में जब घूमते हैं तो ये संख्या कहीं ज्यादा महसूस होती है। तंग गलियां, घरों के पीछे खुले पड़े चैंबर और उनसे उठती असहनीय बदबू.. ये वो भयावह तस्वीर है जिसमें भागीरथपुरा के सैकड़ों परिवार जीने को मजबूर हैं। पढ़ें पूरी खबर...