इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में जो हुआ, वह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की खतरनाक लापरवाही की कहानी है. पीने का पानी जहर बन गया, कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए. महीनों तक गंदे पानी की शिकायतें होती रहीं, लेकिन किसी ने नहीं सुना. अब जब मौतें हो चुकी हैं, तो जांच, कार्रवाई और सियासत शुरू हो गई है. सवाल है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में आखिर यह त्रासदी कैसे हो गई और इसका जिम्मेदार कौन है?