जया किशोरी ने अपनी बुक 'जो है, ठीक है' के एक अध्याय में बताया है कि किसी को याद करना गलत नहीं बल्कि सही क्यों होता है. साथ ही उन्होंने इससे उबरने के कुछ तरीके भी बताए.