महाराष्ट्र में सिर्फ 'मराठी' अन‍िवार्य, कोई और भाषा नहीं... CM फडणवीस ने दिया साफ संदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विदेशी भाषाओं का स्वागत है लेकिन भारतीय भाषाओं का विरोध उचित नहीं. हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने का पिछला निर्णय वापस लिया गया था. मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिला है और इसका पूरे देश में मान्यता दिलाने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा का भी भरोसा दिया.