हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला कॉलेज की पूर्व छात्रा पल्लवी की रैगिंग के बाद मौत मामले में अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने संज्ञान लिया है। UGC ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज को फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन के निर्देश दिए है। यूजीसी ने दो टूक कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमेटी कॉलेज में मौजूदा एंटी-रैगिंग और शिकायत निवारण सिस्टम को भी जांंचेगी। उधर, राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए एसपी कांगड़ा से मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है। वहीं छात्रा के परिजनों की शिकायत पर भूगोल के प्रोफेसर अशोक कुमार समेत चार लोगों पर FIR दर्ज हुई है। मामले में 3 छात्राओं पर रैगिंग करने और प्रोफेसर पर यौन और मानसिक प्रताड़ना के आरोप है। हालांकि, पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है, लेकिन 36 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सबूत जुटाना पुलिस के लिए चुनौती डीएसपी निशा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम देर रात तक छात्रा के घर पर जांच करती रही। छात्रा का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया गया था और अंतिम संस्कार हो चुका है, इसलिए पुलिस के सामने सबूत जुटाना चुनौती है। पुलिस अब इन अहम सुरागों पर निर्भर... महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान महिला आयोग की चेयरमैन विद्या नेगी ने बताया कि उन्होंने एसपी कांगड़ा से इस मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है। यह संवेदनशील मामला है। जो भी सच है, उसे सामने लाया जाएगा। इसमें बहुत ही मुस्तैदी से जांच करने को कहा गया है। मामले में जो भी दोषी है, उन पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। सिलसिलेवार रूप में जानें पूरा मामला... प्रोफेसर ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला के प्रोफेसर अशोक कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्रा पिछले सत्र में उनके पास पढ़ती थी, जबकि मौजूदा सत्र में वह किसी अन्य प्रोफेसर के अधीन थी।