अकबर के दरबार का प्रिय रत्न, दर्दनाक था जिसका अंत; अंतिम संस्कार के लिए शव तक नहीं हुआ नसीब

अकबर के दरबार का प्रिय रत्न, दर्दनाक था जिसका अंत; अंतिम संस्कार के लिए शव तक नहीं हुआ नसीब