मृत्यु के समय नहीं होगा पछतावा, प्रेमानंद महाराज ने बताया उपाय
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज अक्सर कहते हैं कि जीवन भर जैसा आचरण किया जाता है, अंतिम समय में वही स्मरण आता है. अगर जीवन भगवान के भजन और नाम जप में बीता हो, तो मृत्यु का समय भय या पछतावे से भरा नहीं होता.