प्रयागराज के संगम की रेती पर माघ मेला शुरू हो गया है जो महाकुंभ के बाद पहली बड़ी धार्मिक सभा है. देश के विभिन्न हिस्सों से साधु, संत, कल्पवासी और भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती संगम में डुबकी लगाने, स्नान करने और दान देने के लिए आए हैं. मेला प्राधिकरण के अनुसार पहले स्नान पर्व पर लगभग पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.