महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा- ठाकरे भाइयों का मराठी मानूस (लोग) के प्रति प्रेम नकली है और असली नजर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की तिजोरी पर है। मुंबई के वर्ली में महायुति की रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा- मुंबई का अगला मेयर मराठी होगा। चुनाव के समय ही कुछ लोगों को मराठी मानूस याद आता है। आदित्य-अमित ठाकरे का सत्ता में रहते समय विजन कहां था। तब सालों तक मुंबई को लूटा गया था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति मुंबई में मौजूद 'बांग्लादेशी घुसपैठियों' को देश से बाहर भेजेगी। साथ ही कहा कि मुंबई का अगला मेयर मराठी और हिंदू होगा। दरअसल, महाराष्ट्र में 29 म्यूनिसिपल कार्पोरेशन के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होनी है। इसका रिजल्ट 16 जनवरी को आएगा। शिंदे बोले- मुंबई को विकास चाहिए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र से अलग नहीं हो सकती और शहर को भावनात्मक राजनीति नहीं, विकास चाहिए। महायुति की यह रैली BMC में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की जीत की शुरुआत है। शिंदे ने कहा कि जो लोग पहले लाडकी बहिन योजना की आलोचना करते थे आज इसी से मिलती-जुलती योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को ₹1500 मासिक सहायता मिलती है। फडणवीस का दावा- हर मुंबईकर को घर मिलेगा फडणवीस ने कहा कि महायुति घोषणाओं के बजाय काम पर भरोसा करती है। उन्होंने दावा किया कि हर मुंबईकर को शहर में घर मिलेगा, झुग्गीवासियों को भी गुणवत्तापूर्ण आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई में 450 किमी का मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसमें से 150 किमी पहले ही चालू हो चुका है। मुंबई को देश का सबसे पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के लिए ₹17 हजार करोड़ का पर्यावरण बजट भी लाया जाएगा। अजित पवार और बीजेपी आमने-सामने महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच महायुति गठबंधन (NDA) में आपसी झगड़े शुरू हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- जिन लोगों ने कभी मुझ पर 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले जैसे आरोप लगाए थे, वही लोग आज मेरे साथ सत्ता में हैं। सिर्फ आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता है, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो जाए। अजित पवार भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल के बयान पर बोल रहे थे। मोहोल ने कहा था- एनसीपी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट क्यों दे रही है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अजित के तीखे जवाब से नाराज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने शनिवार को कहा- अजित पवार अपनी गिरेबान में झांकें, अगर मैंने बोलना शुरू किया, तो वह मुश्किल में पड़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें... महाराष्ट्र निकाय चुनाव- बिना वोट पड़े 68 कैंडीडेट निर्विरोध जीते महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव की वोटिंग से 13 दिन पहले बीजेपी गठबंधन (महायुति) ने 68 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली हैं। बीजेपी को 44 सीटें मिलीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 22 सीटें अपने नाम कीं। वहीं अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के खाते में दो सीटें आईं। नियमों के मुताबिक, अगर किसी सीट पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार मैदान में रह जाता है और कोई दूसरा प्रत्याशी नामांकन नहीं करता या नाम वापस ले लेता है, तो उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है। इन 68 सीटों पर भी यही स्थिति बनी, इसलिए मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी। यानी अब 29 नगर निगम की बची हुई 2801 सीटों पर 15 जनवरी को वोटिंग होगी। नतीजे 16 जनवरी को आएंगे। सबसे ज्यादा BJP कैंडीडेट कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से जीते बीजेपी के जो 44 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वे सबसे ज्यादा ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से हैं। इसके बाद पुणे, पिंपरी चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर नगर निगम से चुनाव जीते। पुणे के वार्ड नंबर 35 से बीजेपी उम्मीदवार मंजूषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप निर्विरोध चुने गए। ये दोनों 2017 से 2022 के बीच भी इसी वार्ड से चुने गए थे। वोटिंग से पहले जीत पर विपक्ष का रिएक्शन मुंबई में 32 सीटों पर BJP-शिंदे सेना और ठाकरे सेना-MNS के बीच सीधा मुकाबला मुंबई नगर निकाय की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA के 46 सीटों पर चुनाव लड़ने और वामपंथी दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई है। यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इससे 32 सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा। BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल -------------------- ये खबर भी पढ़ें... BMC चुनाव 2026- पार्टी नहीं पार्षद का काम बड़ा फैक्टर: सर्वे में 50% महिलाओं का समर्थन विधानसभा चुनाव के ट्रेंड पर ही BMC चुनावों में भी महिलाओं का 50% समर्थन BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को मिल सकता है। वहीं, मराठी मानुस का शिवसेना (UBT)-MNS को 44% और BJP-शिवसेना (शिंदे) को 42% समर्थन दिख रहा है। यानी मराठी वोट भी एकतरफा ठाकरे ब्रदर्स के साथ नहीं है। पूरी खबर पढ़ें...