अप्रैल में जब अमेरिका ने दुनिया भर के देशों से आयात पर दोहरे अंकों में टैरिफ लगाने का ऐलान किया, तब आशंका जताई जा रही थी कि महंगाई बेकाबू होगी, सप्लाई चेन टूटेगी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी बड़ा झटका लगेगा। लेकिन साल के अंत तक आते-आते तस्वीर उतनी डरावनी नहीं दिखी, जितनी पहले सोची जा रही थी।