निकोलस मादुरो के फर्श से अर्श बनने की कहानी भी दिलचस्प है. वेनेजुएला की राजधानी कराकस में ही पैदा हुए मादुरो कभी एक मेट्रो में बस ड्राइवर का काम करते थे और वहां की ट्रांसपोर्ट ट्रेड यूनियन के सदस्य थे. वामपंथी परिवार में जन्मे मादुरो के पिता भी ट्रेड यूनियन लीडर थे. रोमन कैथोलिक ईसाई मादुरो का दावा है कि उनके दादा-दादी यहूदी थे, लेकिन मादुरो खुद को भारत में सत्य साईं बाबा का अनुयायी भी मानते हैं.