रूसी आर्मी में गोली से मरे पंजाबी युवक की कहानी:डोंकर ने पीटकर सेना में भेजा, यूक्रेन से लड़ने को छोड़ा; भाई ने 4 बार जाकर लाश ढूंढी

पंजाब के जालंधर से रूस गया युवक मनदीप 3 साल बाद ताबूत में लौटा। रूस-यूक्रेन युद्ध में उसकी 2024 में गोली लगने के बाद मौत हो गई। छोटे भाई जगदीप ने मनदीप को जिंदा ढूंढने का 4 बार प्रयास किया मगर असफल रहा। कभी रशियन लैंग्वेज, कभी पैसा, कभी सरकार की पॉलिसी भाई को ढूंढने में बाधा बनती रही। एक साल की मेहनत के बाद भाई मिला, लेकिन जिंदा नहीं मुर्दा। डेडबॉडी भी ऐसी जिसे पहचानना भी मुश्किल था। जगदीप ने अपने भाई को रूस से ढूंढने का पूरा किस्सा साझा किया। पूरी कहनी बताते ही उसका गला रुंध जाता है और आंखों में आंसू आ जाते हैं। उसका कहना है कि मां से वादा किया था कि भाई को सही सलामत लेकर आऊंगा, मगर इस हाल में लेकर आया हूं कि उसे देख भी नहीं सकते। मनदीप के रूस जाने, वहां सेना के ट्रैप में फंसने से लेकर डेडबॉडी मिलने तक की पूरी कहानी पढ़िए... पहले मनदीप के रूस पहुंचने व ट्रैप में फंसने की कहानी 17 सितंबर 2023 मनदीप ने अमृतसर से आर्मेनिया के लिए उड़ान भरी ये वही तारीख है जिस दिन मनदीप ने गोराया स्थित घर की दहलीज से बाहर कदम रखा। आंखों में परिवार को गरीबी से निकालने के सपने लेकर अमृतसर के एयरपोर्ट से आर्मेनिया के लिए उड़ान भरी। उसके साथ उसकी जान-पहचान के 2 लोग और एक रिश्तेदार भी था। आर्मेनिया पहुंचने के बाद मनदीप ने यहां मजदूरी की। घर वालों से बराबर बात करता रहा। यहां से तीनों ने रूस में आर्मी में काम की एड देखी। एक एजेंट ने इनको अच्छा पैसा दिलाने का झांसा दिया। 9 दिसंबर 2023 मनदीप आर्मेनिया से रूस पहुंचा ये वो तारीख है, जहां से मनदीप कुमार के बुरे दिन शुरू हो गए। मनदीप दिव्यांग था। बावजूद इसके एजेंट ने फौज में काम दिलाने का झांसा दिया। उन्हें कहा गया कि उनको वॉर फ्रंट पर नहीं भेजा जाएगा। उनको सेना के लिए खाना तैयार करना होगा और हथियार ट्रकों में लोड करने होंगे। सभी को काम के बदले मोटा पैसा दिया जाएगा। मनदीप एजेंट की बातों में आ गया। काम करने आया था तो उसे काम में कोई बुराई नहीं लगी। रिश्तेदार और बाकी 3 साथियों को काम ठीक नहीं लगा और वो इंडिया लौट आए। खाना बनाने-हथियार लोड करने की बात कह ट्रेनिंग दी मनदीप के भाई ने बताया कि उसके साथ काम करने वाले दिल्ली के युवक ने बताया कि मनदीप उनसे सीनियर कमांडर के अंडर था। यहां पर सभी लोगों को यही कहकर भर्ती किया गया था कि आपको फ्रंट लाइन से पीछे रहना है और सेना के लिए खाना और हथियार मुहैया करवाने हैं। जब उनको जंग की ट्रेनिंग दी जाने लगी तो सभी ने विरोध जताया। इस पर एजेंट ने कहा कि ये ट्रेनिंग तुम्हारे सेफ्टी पर्पज के लिए है। वह ट्रैप में फंस चुके, इसका खुलासा तब हुआ जब उनको गाड़ी में बैठाकर यूक्रेन के बॉर्डर पर लड़ने के लिए छोड़ दिया गया। धोखे का पता चला तो डोंकर ने पीटा रूस पहुंचने वाला मनदीप कुमार 18 जनवरी 2024 को रूसी आर्मी में काम पर लगा। भाई जगदीप के अनुसार- भाई को धोखे का पता चला तो उसने काम छोड़ना चाहा। मगर अंकित डोंकर (ट्रैवल एजेंट) ने मारपीट की। मनदीप ने सारी कहानी की वीडियो बनाकर भेजी और बताया कि अंकित डोंकर ने 12 और लोगों को उसके साथ भर्ती करवाया है। अंकित डोंकर को जनवरी 2025 में अमृतसर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अंकित डोंकर सहित उसके साथियों के खिलाफ मनदीप के भाई जगदीप ने थाना गोराया में 2023 को FIR दर्ज करवाई थी। राजस्थान में भी केस होने के चलते राजस्थान पुलिस अंकित डोंकर को लेकर चली गई थी। अब जानें, भाई ने कैसे ढूंढ निकाली डेडबॉडी मां को पहली बार बताया- मनदीप नहीं रहा जगदीप ने बताया कि मुझे और पिता को पता चल चुका था कि भाई मनदीप की मौत हो गई है, मगर, इसके बारे में मां को नहीं बताया था। उनको यही बताया था कि वह उसको ढूंढ रहे हैं और सही सलामत वापस लाएंगे। रात तो जब एम्बुलेंस मनदीप की डेडबॉडी तो ताबूत में लेकर पहुंचे तो मां को बताया कि मनदीप की मौत हो गई है। जगदीप बोला-रूस सरकार के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा जगदीप कुमार ने कहा कि रूस की आर्मी में उसके भाई को भर्ती कैसे किया गया,इस बाबत रूस की अदालत में भी मुकदमा दायर करेगा। गोराया में दिल्ली से पहुंचे देव ने कहा कि वह 5 महीने रूस की आर्मी की तरफ से लड़ा है। उसे टांग और बाजू पर गोली लगी थी। मेरे जैसे 3 हजार भारतीय रूस की सेना में फंसे हैं। कई मारे गए हैं जिनके परिवारों को पता भी नहीं है। देव ने कहा कि कोई भी युवा ई वीजा लेकर न जाए। ये जाते ही अवैध हो जाता है और फिर आपके पास कोई चारा नहीं रहता। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ और मनदीप के साथ भी। कांग्रेस विधायक बोले-केंद्र सरकार ने की लापरवाही मनदीप की डेडबॉडी आने पर पहुंचे फिल्लौर से कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह चौधरी ने कहा कि मनदीप के साथ जो कुछ हुआ है उसमें केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन की लापरवाही है। मनदीप के मौत मामले को पंजाब सरकार वह पुलिस प्रशासन के समक्ष उठाएंगे। अपने बेटे की सूचना की उम्मीद में लुधियाना से पहुंचा पिता मनदीप की डेडबॉडी आने की सूचना पर लुधियाना के गांव डाबा से चरणजीत सिंह भी गोराया पहुंचे। उसने बताया कि उसका बेटा समरप्रीत सिंह जुलाई 2025 में रूस के शहर मास्को गया था। पढ़ाई करते हुए उसे वहां पर रूस की आर्मी में डॉक्टर के असिस्टेंट के तौर पर भर्ती करवा दिया गया। सितंबर में वीडियो कॉल के जरिए 11 से 12 सेकेंड बात हुई थी और उसके बाद आज तक उनके बेटे से बातचीत नहीं हो पाई है।