अडानी मराठी नहीं है यह शिंदे जी का आरोप है जो जात-पात में फूट डालने के इरादे से बोला गया है. शिंदे जी का कहना है कि मुंबई से अडानी को बेचकर गुजरात भेजने का एक षडयंत्र रचा गया. उन्होंने सवाल उठाया है कि अदानी को टेंडर किसने दिया और इसके पीछे किसकी साइन है. उन्होंने बताया कि पहले के सीएम ने निर्णय लिया था कि केवल योग्य लोगों को ही घर दिए जाएंगे, लेकिन जब वे मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने देवेंद्रजी के साथ मिलकर सभी पात्र और अपात्र को घर देने का निर्णय लिया.