राजू जी ने उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची के बारे में कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं. उन्होंने यह जानना चाहा कि जब सूची जारी नहीं हुई थी, तब मुख्यमंत्री कैसे कह सकते थे कि चार करोड़ लोगों के नाम कट गए. उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए कि क्या आयोग सभी राजनीतिक दलों के साथ समान रूप से व्यवहार कर रहा है. इसके अलावा, उन्होंने यह पूछा कि जब सभी पहचान पत्रों को शामिल किया जा रहा है तो आधार कार्ड को इसमें क्यों नहीं जोड़ा गया.