आईपक पर सीबीआई ने छापा मारा है. जब आईपक साल 2014 में मोदी सरकार के लिए काम कर रहा था तो स्थिति ठीक थी, लेकिन अब वह घपला और चोरी के आरोपों में फंसा हुआ है. जो लोग आपके लिए काम करते हैं, उनकी जांच ईडी या सीबीआई नहीं होती है, लेकिन जब वही आईपक दूसरे राजनीतिक दलों के लिए काम करने लगा, तो वह भ्रष्ट हो गया. मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं.