महाराष्ट्र निकाय चुनाव- चुनाव प्रचार के आखिरी 2 दिन:राज ठाकरे ने हिंदी का मुद्दा उठाया; कहा- यूपी-बिहार वाले हिंदी न थोपें, वरना लात मारूंगा

महाराष्ट्र में मनसे चीफ ने एक बार फिर हिंदी भाषा का मुद्दा उठाया है। मुंबई में रविवार रात चुनाव प्रचार के दौरान ठाकरे ने मराठी एकता पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि राज्य की भाषा, जमीन और पहचान खतरे में है। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज ने कहा कि UP और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है। मुझे भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर इसे थोपने की कोशिश करोगे, तो मैं आपको लात मारूंगा। राज ने कहा कि वे हर तरफ से महाराष्ट्र आ रहे हैं और आपका हिस्सा छीन रहे हैं। अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे। आज, यह संकट आपके दरवाजे पर आ गया है। यह मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव है। अगर यह मौका चूके, तो खत्म हो जाएंगे। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होनी है। चुनाव में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। वोटिंग का रिजल्ट 16 जनवरी को आएगा। उद्धव बोले- मराठी मानुष के लिए हमने अपने मतभेद भुला दिए उद्धव और राज ठाकरे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर शिवतीर्थ मैदान में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा- भाजपा हर चुनाव से पहले हिंदू-मुस्लिम और मराठी–गैर मराठी का मुद्दा उठाकर राजनीति करती है। उन्होंने कहा- मराठी मानुष, हिंदुओं और महाराष्ट्र के हित में उन्होंने अपने सभी मतभेद भुला दिए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा को हम नहीं चाहिए, क्योंकि हम उन्हें मुंबई को हड़पने नहीं देंगे। भाजपा का हिंदुत्व और राष्ट्रवाद झूठा है। भाजपा की नीतियां अब ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘करप्शन फर्स्ट’ की ओर बढ़ गई हैं।