रियाल की ऐतिहासिक गिरावट ने ईरान की सरकार के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है. प्रदर्शन दबाने की कार्रवाई में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. जो आंदोलन आर्थिक विरोध के तौर पर महंगाई और गिरती करेंसी के खिलाफ शुरू हुआ था, वो अब ईरान की सत्ता के लिए इस्लामिक क्रांति के बाद की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है.