आजतक के रियलिटी चेक में दिल्ली, यूपी, एमपी और राजस्थान की स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं. इमरजेंसी गेटों पर सीटें लगी हैं, छतों पर अवैध सामान लदा है और अग्निशमन यंत्र नदारद हैं. पिछले 3 वर्षों में 64 मौतें होने के बावजूद प्रशासन और बस ऑपरेटर बेखौफ हैं.