राजदूत ने कहा कि आबादी का एक हिस्सा वैध आर्थिक और सामाजिक मांगें रखता है, लेकिन विदेशी एजेंटों और घुसपैठियों ने इन प्रदर्शनों को हिंसक बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई. इसके अलावा, ज़ायोनी शासन और संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकारियों ने बार‑बार कहा है कि प्रदर्शनकारियों के बीच मोसाद एजेंट मौजूद थे, जो आधिकारिक बयानों के अनुसार, अशांति को भड़काने में प्रत्यक्ष विदेशी हस्तक्षेप को दर्शाता है.