भाषाई आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में 107 लोगों की जान गई थी. उनकी याद में मुंबई में स्मारक बनाया गया है. मराठी मानूस की राजनीति करने वाले नेता बार-बार इन शहीदों के बलिदान का जिक्र करते हैं. हाल ही में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया है कि मुंबई की संपत्ति को गुजरात ले जाने की गहरी साजिश हो रही है.