सदियों पहले ईरान में इस्लामिक चरमपंथ के बीच खुद को बचाए रखने के लिए पारसी समुदाय दुनिया के कई देशों में फैल गया. भारत उनमें से एक था. बंटवारे के समय पारसियों की बड़ी आबादी पाकिस्तान में रह गई. वे कराची बंदरगाह के जरिए कई देशों में अपना व्यापार फैलाए हुए थे. लेकिन अब उनकी आबादी महज कुछ सैकड़ा है.