मैंने जन्नत नहीं देखी, मां देखी है... 2 तस्वीरों की ममताभरी कहानी दिल चीर देगी
जसवंत कौर और केशमा देवी जैसी हजारों मांएं आज भी यादों के ऐसे ही तिनकों के सहारे जी रही हैं. उनके लिए ये स्मारक पत्थर के महज चबूतरे नहीं, बल्कि उनके वही लाडले फौजी बेटे हैं जिन्हें उन्होंने कभी अपनी गोद में खिलाया था.