मकर संक्रांति हमेशा 14 जनवरी को नहीं रहेगी. पृथ्वी के प्रीसेशन के कारण सूर्य का मकर राशि में प्रवेश हर 72 साल में 1 दिन पीछे खिसकता है. 1700+ सालों में 24 दिन का शिफ्ट हो चुका है. हजारों साल बाद यह मई-जून में पड़ सकती है. यह वैज्ञानिक कारण है कि त्योहार की तारीख धीरे-धीरे बदल रही है.