महाराष्ट्र की 29 नगर निगम में आज वोटिंग:बीएमसी सबसे अहम, राज-उद्धव साथ, NCP अकेले लड़ रही; एक दिन बाद रिजल्ट आएगा

महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में आज वोटिंग होगी। मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू होगा और शाम 5:30 बजे तक चलेगा। एक दिन बाद रिजल्ट आएगा। सबसे अहम बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) है जहां 227 सीटों पर चुनाव हो रहा है। बहुमत के लिए 114 का आंकड़ा जरूरी है। बीएमसी की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। वहीं राज-उद्धव ठाकरे एक साथ आ गए। BMC में सीटों का बंटवारा, बीजेपी-शिंदे साथ; कांग्रेस अलग लड़ रही बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। भाजपा- शिवसेना (शिंदे गुट) में गठबंधन हैं। बीजेपी 137 सीटों पर लड़ रही है वहीं शिंदे की शिवसेना ने 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। उधर शिवसेना यूबीटी ने मनसे के साथ अलांयस किया है। यूबीटी जहां 163 सीटों पर लड़ेगी वहीं MNS को 52 सीट मिली हैं। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) से गठबंधन किया है। कांग्रेस 143 सीटों पर लड़ रही है वहीं वीबीए को 46 सीट दी गईं हैं। एनसीपी ने किसी के साथ हाथ नहीं मिलाया। अजित गुट वाली ये पार्टी 94 सीटों पर लड़ेगी। BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल चुनावी वादे: बस किराए में 50% छूट तो 1500 महीना का वादा भाजपा गठबंधन ने बीएमसी चुनाव में महिलाओं को BEST बसों में यात्रा करने पर किराए में 50% छूट देने का वादा किया है। वहीं उद्धव–राज ठाकरे अलांयस ने महिला घरेलू सहायकों को ₹1500 महीना और 700 वर्गफुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स फ्री करने की बात कही है। कांग्रेस ने मुंबई की प्रदूषण समस्या और BEST बस सेवा में सुधार का वादा किया है। साथ ही शहर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की बात कही है। चार साल देरी हो रहे चुनाव, 2022 से टल रहा नगर निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं। बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में हुआ था। ऐसे में अगला चुनाव 2022 में होना था। उस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया और वार्ड सीमाओं में बदलाव चल रहे थे। नए वार्ड नक्शे और सीटों का पुनर्विन्यास किया जा रहा था। बीएमसी में वार्डों की संख्या बढ़ाकर 227 से 236 करने का प्रस्ताव था। इस बदलाव के चलते पुरानी सीटों पर चुनाव करना संभव नहीं था, इसलिए चुनाव टाल दिए गए। हालांकि ये प्रस्ताव पास नहीं हुआ।