रज्जू भैया जो खुद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में फिजिक्स के प्रोफेसर का पद छोड़कर संघ के प्रचारक बने थे, ने एक ऐसा लेख लिखा जो इतने तथ्यों व तर्कों के साथ लिखा गया है कि ये एक दस्तावेज बन गया है. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है उसी पत्र की कहानी.