कॉमेडी फिल्मों को तरसते थिएटर्स में ‘राहू केतु’ एक नया एक्सपेरिमेंट लेकर आई है. माइथोलॉजी, लोककथाएं और सिचुएशनल ह्यूमर के मेल से बनी ये फिल्म 'धुरंधर' के जोरदार असर के बीच दर्शकों को कॉमेडी का सालिड डोज दे सकती है. लेकिन शर्त एक ही है— ये 'धुरंधर' का सामना कर ले.