इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौतें हो चुकीं हैं। इस दूषित जल कांड से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने के लिए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं। कांग्रेस ने इंदौर में प्रदेश भर के कांग्रेस पार्षदों, मेयर, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों के साथ राहुल गांधी की बैठक बुलाई थी। कांग्रेस ने इंदौर जिला प्रशासन से अभय प्रशाल और आनंद मोहन माथुर सभागार में एक हजार लोगों के साथ राहुल गांधी की बैठक के लिए मंजूरी मांगी थी लेकिन, प्रशासन ने कांग्रेस को इस बैठक के लिए परमिशन नहीं दी। कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि प्रशासन ने मीटिंग के लिए परमिशन नहीं दी, इस वजह से यह बैठक कैंसिल की गई है। अब सिर्फ भागीरथपुरा जाएंगे राहुल गांधी राहुल गांधी इंदौर के भागीरथपुरा जाकर दूषित जल कांड से प्रभावित परिवारों से मिलेंगे। राहुल गांधी खासतौर पर उन परिवारों के सदस्यों से मिलेंगे, जिनके परिवार के सदस्य की दूषित जल के कारण मौतें हुई हैं। राहुल के दौरे को लेकर प्रशासन सतर्क है। राहुल गांधी का शेड्यूल 17 से 31 जनवरी तक प्रदेश भर में उपवास और जनजागरूकता कार्यक्रम मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी 17 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। यह आंदोलन महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में बदलाव कर कानूनी अधिकारों की बहाली, इंदौर के भागीरथपुर में जहरीले पानी से हुई मौतों और प्रदेश में बिगड़ती पानी की गुणवत्ता के विरोध में किया जाएगा। राहुल के इंदौर दौरे के दौरान होगी शुरुआत पार्टी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, आंदोलन का पहला चरण 17 जनवरी 2026 को आयोजित होगा। इस दिन शहर कांग्रेस कमेटियों द्वारा इंदौर के भागीरथपुरा की घटना और पानी की गुणवत्ता के आंकड़ों को लेकर जिला स्तर पर एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा। यह उपवास सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। वहीं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटियां भी अपने-अपने क्षेत्रों में मनरेगा के कानूनी अधिकारों की बहाली और जल गुणवत्ता के मुद्दे पर एक दिवसीय उपवास आयोजित करेंगी। इसी दौरान राहुल गांधी भी इंदौर के भागीरथपुरा में मौजूद रहेंगे। दूसरा चरण 18 से 31 जनवरी तक आंदोलन का दूसरा चरण 18 से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मनरेगा अधिकारों को लेकर जनजागरूकता, पानी की गुणवत्ता पर तथ्य व साक्ष्य एकत्र करना, दूषित जल स्रोतों, नालों, सीवेज लाइनों और औद्योगिक अपशिष्ट के आसपास पानी की जांच जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिला, शहर और ब्लॉक इकाइयों से विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि आंदोलन को प्रभावी बनाया जा सके।