हरियाणा के हिसार में शहर के बड़े प्रोजेक्ट पर पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की अनदेखी चर्चाओं का विषय बन रही है। हिसार में दूसरा मौका था जब डॉ. कमल गुप्ता के समय शुरू हुए प्रोजेक्ट का श्रेय निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल को मिल गया। गुरुवार को हिसार में मुख्यमंत्री ने साढ़े 14 करोड़ की राशि से बने टाउन पार्क का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री और शहर से दो बार के विधायक रहे डॉ. कमल गुप्ता और उनके वर्कर नदारद दिखे। खास बात यह रही कि एक बार भी कमल गुप्ता का मंच से नाम तक नहीं लिया गया। इस बारे में दैनिक भास्कर एप ने कमल गुप्ता से कार्यक्रम में न पहुंचने के बारे में पूछा, तो डॉ. गुप्ता ने कहा- मुझे तेज जुकाम हो गया, इसलिए मैं नहीं आ पाया। मैंने मुख्यमंत्री को फोन कर बता दिया था। जब भी शहर में बड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास- उद्घाटन होता है तो आप दिखते नहीं? इस पर गुप्ता ने कहा कि यह इत्तफाक हो सकता है। बता दें कि डॉ. कमल गुप्ता का हिसार के इन प्रोजेक्ट को लेकर भावनात्मक जुड़ाव है। उनके ही प्रयास से हिसार के प्रोजेक्ट सिरे चढ़े थे। इससे पहले कमल गुप्ता और सावित्री जिंदल हांसी की विकास रैली में एक साथ मंच पर नजर आए थे, मगर दोनों ने एक दूसरे से बात नहीं की थी। गुप्ता की गैर मौजूदगी में इन 2 बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन... चुनाव के समय बढ़ी दोनों नेताओं में तल्खी दरअसल, विधानसभा चुनाव में शुरू हुई दोनों की तल्खी कम होने के बजाय बढ़ रही है। अक्टूबर 2024 में हिसार विधानसभा सीट से भाजपा ने जहां डॉ. कमल गुप्ता को मैदान में उतारा था, वहीं पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल निर्दलीय मैदान में उतरीं थी। डॉ. कमल गुप्ता की जमानत जब्त हो गई थी। वहीं चुनाव से पहले भी दोनों नेता एक दूसरे के कार्यक्रमों में दूरी बनाने लग गए थे। सावित्री जिंदल हिसार से भाजपा की टिकट चाहती थी। कमल गुप्ता तीसरी बार भाजपा की टिकट पर लड़ना चाहते थे। दोनों नेताओं ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। मगर चुनाव में ऐन मौके पर जिंदल का टिकट काटकर कमल गुप्ता को दे दिया गया। मगर चुनाव में सावित्री जिंदल जीती और कमल गुप्ता की जमानत जब्त हो गई। इसके बाद दोनों में दूरियां और बढ़ गई। गुप्ता-जिंदल परिवार में तनातनी के 3 और उदाहरण 1. मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट का विरोध किया: हिसार के बस स्टैंड की शिफ्टिंग को लेकर भी दोनों में मतभेद नजर आए। कमल गुप्ता बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करना चाहते थे। यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था। बस स्टैंड शिफ्टिंग का व्यापारियों ने विरोध किया। सावित्री जिंदल की घर पर व्यापारियों की मीटिंग भी हुई। इसके बाद कमल गुप्ता नाराज हो गए और उन्हें प्रोजेक्ट टालना पड़ा। 2. चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ लड़े: सावित्री जिंदल और कमल गुप्ता विधानसभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े। कमल गुप्ता को BJP ने हिसार से टिकट दी तो जिंदल ने बगावत कर निर्दलीय उतरने का फैसला किया। इससे गुप्ता की स्थिति कमजोर हो गई और वैश्य समाज के वोटों का ध्रुवीकरण हो गया। भाजपा अपने गढ़ हिसार में 10 साल बाद हार गई। इस चुनाव में सावित्री जिंदल को हिसार से 49231 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के रामनिवास राड़ा को 30290 वोट और कमल गुप्ता को 17385 वोट मिले। 3. जिंदल समर्थक ने गुप्ता को चप्पल मारी: चुनाव प्रचार के दौरान भी नेताओं के समर्थकों में एक दूसरे के प्रति नाराजगी नजर आई। चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में सावित्री जिंदल के समर्थक राजेंद्र सैनी के वर्कर ने गुप्ता को चप्पल मारी थी। इसके बाद सावित्री जिंदल ने अपनी उसी समर्थक को निकाय चुनाव में पार्षद का टिकट भी दिलवा दिया। कमल गुप्ता भी चुनाव में उसका प्रचार करने नहीं गए। राजेंद्र सैनी को हार का मुंह देखना पड़ा। दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ 3 चुनाव लड़ चुके कमल गुप्ता 2 बार हिसार सीट से चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने 2014 के बाद 2019 में भी चुनाव जीता। 2014 में कमल गुप्ता ने सावित्री जिंदल को ही हराया था। उस समय सावित्री ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 2024 में कमल गुप्ता निर्दलीय खड़ी सावित्री जिंदल से चुनाव हार गए। हिसार सीट पर सावित्री जिंदल का भी रसूख अच्छा है। वह 3 बार हिसार से चुनाव जीतकर विधायक बन चुकी हैं। पहला चुनाव उन्होंने 2005 में जीता था। तब उप-चुनाव जीतकर वह भूपेंद्र हुड्डा की अगुआई वाली हरियाणा सरकार में शामिल हुई थीं। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की। 2024 में BJP मंत्री कमल गुप्ता को चुनाव हराया। इसके बाद भाजपा को ही समर्थन दे दिया।