ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यूरोपीय देशों की यह सीमित सैन्य मौजूदगी सिर्फ अभ्यास भर नहीं है. यह अमेरिका, रूस और चीन तीनों को एक साथ संदेश देने की कोशिश है. सवाल यही है कि इतनी कम संख्या में पहुंचे सैनिक, क्या वाकई आर्कटिक पर छाए संकट के बादल हटा पाएंगे.