संघ के 100 साल: सरस्वती ताई आप्टे के बिना राष्ट्र सेविका समिति की कहानी अधूरी है

भारत के कुछ क्षेत्रों में उन दिनों शादी के बाद महिलाओं का नाम बदल दिया जाता था. इसी तरह की कहानी तापी के साथ हुई. उनका नाम तापी से सरस्वती कर दिया गया, वैसे ही जैसे कभी मनु का नाम लक्ष्मीबाई कर दिया गया था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है सरस्वती ताई की कहानी.