700 श्लोक कंठस्थ, 18 अध्याय याद, जानिए कौन है देश का पहला गीता-व्रती कैदी?

Ajab Gajab News : रायपुर सेंट्रल जेल के कैदी वासुदेव चौहान ने श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों के 700 श्लोक कंठस्थ कर गीता-व्रती की उपाधि प्राप्त की. 20 साल की सजा काट रहे वासुदेव कभी जीवन से निराश हो चुके थे, लेकिन गीता पाठ ने उनकी सोच और जीवन को बदल दिया. वे देश के पहले ऐसे कैदी हैं, जिन्हें यह उपाधि मिली है.