केंद्र सरकार की नई इथेनॉल नीति के तहत बिहार में तेल कंपनियों की ओर से इथेनॉल खरीद को 100 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिए जाने से राज्य के 14 डेडिकेटेड इथेनॉल प्लांट गंभीर संकट में आ गए हैं. प्लांट आधी क्षमता पर चल रहे हैं या पूरी तरह बंद हो गए हैं. इससे हजारों मजदूरों की नौकरी खतरे में है और पलायन का खतरा बढ़ गया है.