ईरान में तेजी से बदलते हालात के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट आए हैं। शुक्रवार की देर रात को ईरान से दिल्ली पहुंचे इन नागरिकों में ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। ईरान में इस समय करीब 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें छात्र, कारोबारी और पेशेवर शामिल हैं। इसमें से 2500-3000 स्टूडेंट हैं, जो मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां गए थे। ईरान में हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह भी दी थी। दरअसल ईरानी मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक रूप से गिरने के बाद दिसंबर 2025 में ईरान में प्रदर्शन शुरू हुए थे। तब से देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए हैं। ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि देशभर में कम से कम 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं। विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किया एडवाइजरी में कहा गया था कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों अपने पासपोर्ट,वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने पास तैयार रखें। इस संबंध में किसी भी मदद के लिए वे भारतीय दूतावास से संपर्क करें। दूतावास ने आपातकालीन संपर्क हेल्पलाइन भी जारी की हैं। मोबाइल नंबर: +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359। ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in ईरान में मौजूद वे सभी भारतीय नागरिक जिन्होंने अभी तक भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनसे अनुरोध है कि वे इस लिंक (https://www.meaers.com/request/home) के माध्यम से रजिस्टर्ड करें। यह लिंक दूतावास की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। यदि ईरान में इंटरनेट बाधित होने के कारण कोई भारतीय नागरिक पंजीकरण करने में असमर्थ है, तो भारत में उनके परिवार के सदस्यों से अनुरोध है कि वे उनकी ओर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच बातचीत हुई बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। उन्होंने ईरान के हालातों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को ईरान ना जाने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। भारत सरकार की यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ईरान में हुए प्रदर्शन का कारण जानिए... ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा कई कारणों से भड़की है। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं।