लुधियाना में बहन को परेशान करने से भाई इस कदर गुस्साया कि व्यक्ति को कमरे पर बुलाकर 2 दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। फिर उसकी लाश को 3 दिन कमरे में ही रखा। दिन भर लाश के साथ ही बैठे रहते। रात होने पर लाश को ठिकाने लगाने के लिए जगह ढूंढने निकल जाते। आखिर में उन्होंने लाश को आधी रात को रेहड़े पर लादकर कमरे से 15KM दूर खाली प्लाट में फेंक दिया। फिर बाइक से पेट्रोल निकाला और लाश पर छिड़ककर आग लगा दी। जिस व्यक्ति संजय (42) की हत्या की गई, वह बैंक से गाड़ियां फाइनेंस कराने का काम करता था। कत्ल करने वाला मुख्य आरोपी मुन्ना है, उसका साथ देने वाला एक राजेश और दूसरा कुछ टाइम पहले जेल से बाहर आया मंगल है। हालांकि रुपयों के लालच में मृतक के ATM से 10 हजार रुपए निकालने की ऐसी गलती कर बैठे कि पुलिस सीधे उन तक पहुंच गई। हालांकि पहले वह पुलिस को चकमा देते रहे लेकिन आखिरकार सख्ती हुई तो सारा सच उगल दिया। व्यक्ति की हत्या का पता कैसे चला, कातिलों तक पुलिस कैसे पहुंची, कत्ल कैसे किया, इस सबके बारे में जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए.... सबसे पहले जानिए, कत्ल का पता कैसे चला... पुलिस कातिलों तक कैसे पहुंची... तीनों आरोपियों ने संजय की हत्या कैसे की, शव कैसे ठिकाने लगाया... अब जानिए, कत्ल में कौन क्यों शामिल, बदले में क्या मिला पुलिस जांच में पता चला कि मुन्ना को इस बात का गुस्सा था कि संजय उसकी बहन को परेशान करता है। इसके बाद कत्ल के लिए उसने राजेश को साथ मिलाया। राजेश को इस बात का गुस्सा था कि संजय ने लोन पर उसे ऑटो दिलाया। जिसकी उसने 50 हजार रुपए की डाउन पेमेंट की, 1 लाख की किश्तें भरी, इसके बावजूद संजय ने उसे किसी दूसरे को बेच दिया। तीसरा आरोपी मंगल आपराधिक किस्म का है, वह कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था। पुलिस के मुताबिक राजेश और मुन्ना पर कमिश्नरेट में 2-2 और मंगल पर लुधियाना देहाती के इलाके में एक केस दर्ज है। कत्ल के बाद संजय से मिले रुपयों में से 25 हजार रुपए मंगल ने रखे। 21 हजार रुपए राजेश ने लिए और बाकी पैसे मुन्ना ने अपने पास रख लिए।