सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान का मानना है कि राज्यसभा सीट की मांग करने के बजाय पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों को बिहार सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियों में समायोजित करना ज्यादा अहम है. इससे संगठन को मजबूत किया जा सकेगा और उसके विस्तार में मदद मिलेगी. एक सूत्र ने तो यह भी बताया कि रीना पासवान स्वयं भी इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं.