हरियाणा के रोहतक में एक साथ 29 कुत्तों की डेडबॉडी मिलने से बवाल मच गया है। कुत्तों की लाश पर कीड़े पड़ चुके थे। पशु प्रेमियों ने हंगामा करते हुए कहा कि नसबंदी के बाद इनकी मौत हुई है। सर्जरी में लापरवाही बरती गई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने नसबंदी करने वाली संस्था नैन फाउंडेशन और नगर निगम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। यह देख निगम कमिश्नर ने SDM की अगुआई में जांच कमेटी बना दी। फाउंडेशन ने पहले इनकार किया कि ये कुत्ते उनके शेल्टर होम के नहीं हैं लेकिन बाद में कबूल लिया कि रूटीन में कुत्ते मरते रहते हैं। अब फाउंडेशन के मालिक ने 7 पन्ने की सफाई जारी की है। जिसमें पूरी कार्रवाई और आरोपों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच नैन फाउंडेशन का एक कर्मचारी भी सामने आया, उसने दावा किया कि शेल्टर होम में कुत्तों को ढंग का खाना नहीं दिया जाता। चेकिंग हो तो कुत्तों को अंडे और सोयाबीन खिलाए जाते हैं और रूटीन में चावल दिए जाते हैं। भूख के मारे कुत्ते कई बार एक-दूसरे को नोच देते हैं। कोई कुत्ता मर जाए तो उसे खा जाते हैं। सबसे पहले जानिए, कुत्तों की मौत का मामला कैसे सामने आया ----------------नैन फाउंडेशन क्या है स्लाइड-------------- फाउंडेशन के कर्मचारी का दावा- मैंने विरोध किया तो मुझे निकाला इस मामले में नैन फाउंडेशन का एक कर्मचारी मीडिया के सामने आया। उसने फाउंडेशन पर गंभीर आरोप लगाए। पूर्व कर्मचारी ने कहा कि जब उसने कुत्तों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। अब जानिए, फाउंडेशन मालिक ने सफाई में क्या कहा...