अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी के सपने ने एक भारतीय परिवार को 2 करोड़ रुपये के कर्ज में डाल दिया. सख्त H-1B वीजा नियमों के कारण दोनों बेटे पढ़ाई के बाद बेरोजगार रहे. हालात इतने बिगड़े कि पिता को फ्लैट बेचने तक की नौबत आ गई. आखिरकार बड़े बेटे को H-1B लॉटरी में चयन मिलने से परिवार को थोड़ी राहत मिली.