इंदौर में दूषित पानी से 50+ मौतें होने का दावा:परिजन बोले-श्मशान से रिकॉर्ड गायब; राहुल गांधी ने पीड़ितों से बातचीत का VIDEO किया शेयर

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में स्थानीय परिवारों ने दावा किया है कि दूषित पानी के कारण 50 से अधिक लोगों की मौतें हुईं। पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन ने मौतों की वास्तविक संख्या छिपाई, कई शव रातों-रात उनके गांव भिजवा दिए और श्मशान का रिकॉर्ड भी गायब कर दिया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को भागीरथपुरा पहुंचे थे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों की व्यथा को कैमरे पर कैद किया और 8 मिनट 10 सेकेंड का वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। परिवारों ने बताया कि पानी की समस्या 22 तारीख से शुरू हुई थी और कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए। जीवन लाल बरेडे़ और मीराबाई के परिवारों ने कहा कि बुजुर्ग और अन्य सदस्य बीमार पड़े, कुछ की मृत्यु हो गई, लेकिन मुआवजा अपर्याप्त और प्रशासन की प्रतिक्रिया ढीली रही। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अफसरों की लापरवाही और नर्मदा लाइन कनेक्शन के लिए ली गई रकम के बावजूद पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। कई परिवारों ने कहा कि आयुक्त का तबादला कर जवाबदेही खत्म कर दी गई। राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों की बातें सुनी और कहा कि उनकी लड़ाई को उजागर किया जाएगा ताकि आगे किसी और परिवार के साथ ऐसा न हो। राहुल गांधी और परिवारों की बातचीत (QA) 1. जीवन लाल बरेडे़ का परिवार राहुल गांधी: परिवार में और कोई बीमार हुआ? परिजन: हां, हमारी बड़ी मम्मी बीमार हुई, हमारी मां को भी दस्त लग रहे थे। राहुल गांधी: कब शुरू हुई ये समस्या? परिजन: 22 तारीख से लोगों की तबीयत खराब होने लगी। आधा मोहल्ला अस्पताल में भर्ती हो गया। राहुल गांधी: क्या सीवेज का पानी घुस गया था? परिजन: हां, दस्त ऐसे हुए कि 5 मिनट संभालना मुश्किल था। आधे घंटे में 27–28 डायपर बदलने पड़े। राहुल गांधी: अब आप कैसा पानी पी रहे हैं? पत्नी: बाजार से आरओ का पानी ला रहे हैं। प्रशासन सुन ही नहीं रहा। टैंकर फ्री में थोड़े आ रहे हैं। राहुल गांधी: जिनकी मृत्यु हुई उनके परिवार को मुआवजा मिला? परिजन: हमारे यहां किसी को मिलने तक नहीं आया। पेपर में 5–10 लाख का दावा किया जा रहा है, लेकिन सिर्फ 2 लाख मिले। बाकी पैसा कहां गया? 2. मीराबाई का परिवार राहुल गांधी: इस पूरे हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है? बेटा: नगर निगम के अफसर ही जिम्मेदार हैं। उनकी लापरवाही से यह सब हुआ। मेरी मां को तीन दिन वेंटिलेटर पर रखा गया, फिर उनकी मृत्यु हो गई। सरकार ने चार दिन बाद ही माना कि मौत दूषित पानी के कारण हुई। राहुल गांधी: क्या आप चाहते हैं कि न्याय मिले? बेटा: हां, हम चाहते हैं कि हमारी लड़ाई लड़ी जाए ताकि आगे किसी और परिवार के साथ ऐसा न हो। 3. अन्य प्रभावित परिवार राहुल गांधी: क्या लोगों ने शिकायत की थी? परिजन: हां, 6 महीने से लगातार शिकायत की जा रही थी। जब कई लोग अस्पताल में पहुंचे, तब हड़कंप मचा। राहुल गांधी: क्या प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की? परिजन: नहीं। पूरा भागीरथपुरा श्मशान बन गया। कई शव रातों-रात गांव भिजवा दिए गए। 28 तारीख से श्मशान का रिकॉर्ड भी गायब कर दिया गया। राहुल गांधी: क्या मुआवजा मिला? परिजन: कुछ को 2 लाख मिला, जबकि पेपर में 5–10 लाख दिखाया गया। राहुल गांधी: अब आप क्या चाहते हैं? परिजन: हम चाहते हैं कि यह मामला सार्वजनिक हो और प्रशासन जवाबदेह ठहराया जाए।