महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मेयर पद पर शिवसेना की दावेदारी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है। शिवसैनिकों की इच्छा है कि इस मौके पर BMC में शिवसेना का मेयर होना चाहिए। हालांकि शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना कोई ऐसा फैसला नहीं करेगी जो जनादेश के खिलाफ हो। उन्होंने याद दिलाया कि BMC चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने गठबंधन में लड़े थे। जिन नगर निगमों में शिवसेना और बीजेपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा है, वहां महायुति का ही मेयर बनेगा। महाराष्ट्र में BMS समेत 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को चुनाव हुए थे और 16 जनवरी को रिजल्ट आया था। BMC के 227 सीटों में भाजपा को 89 और शिंदे गुट को 29 सीटें मिली थीं। मेयर के लिए बहुमत का आंकड़ा 114 है। इसके लिए भाजपा को शिंदे गुट के 25 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। नतीजों के बाद शिवसेना ने अपने 29 पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में ठहराया है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि होटल में पार्षदों के लिए ओरिएंटेशन वर्कशॉप किया जा रहा है, ताकि उन्हें देश की सबसे समृद्ध नगर निकाय BMC के कामकाज की जानकारी दी जा सके। मेयर पद के लिए 22 जनवरी को निकालेगी लॉटरी 29 नगर निगमों में मेयर पद के लिए 22 जनवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें यह तय होगा कि पद ओपन कैटेगरी, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा। कैटेगरी तय होते ही उसी दिन या अगले दिन अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद सात दिन का नोटिस अनिवार्य होने के कारण मेयर चुनाव 29 या 30 जनवरी को होने की संभावना है। अगर अधिसूचना 23 जनवरी को जारी हुई तो मतदान 30 या 31 जनवरी को कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री फडणवीस 24 जनवरी को स्विट्जरलैंड से वापस आएंगे। राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं... पूरा विपक्ष जुटे तब भी 8 पार्षद कम, मुंबई कांग्रेस में ‘गृहयुद्ध’ शिवसेना (यूबीटी) 65 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि MNS ने 6 सीटें और NCP (एसपी) को 1 सीट मिली है। इन तीनों की कुल सीटें 72 हैं। कांग्रेस ने 24 वार्डों में, ओवैसी की पार्टी ने 8 सीटों पर और समाजवादी पार्टी ने 2 वार्डों में जीत हासिल की है। अगर पूरा विपक्षी खेमा एक हो भी जाए तो कुल आंकड़ा 106 होगा। यानी बहुमत से 8 सीटें कम। यहीं से पार्षदों की खरीद-फरोख्त और दलबदल का खतरा नजर आ रहा है। ठाकरे परिवार अगर 8 पार्षदों को अपने साथ मिलाने में कामयाब होता है तो BMC पर भाजपा का कब्जा रोक सकती है। बीएमसी चुनाव में हार के बाद मुंबई कांग्रेस की आंतरिक कलह सड़कों पर आ गई है। हार का ठीकरा मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ पर फोड़ने वाले नेता जगताप को कांग्रेस आलाकमान ने ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... महाराष्ट्र में शिवसेना-NCP का वोट अब BJP का: ठाकरे मुंबई तक सिमटे, शिंदे के पास ठाणे, सिर्फ BJP ‘ऑल स्टेट’ पार्टी मुंबई, नवी मुंबई, पुणे, नागपुर, पिंपरी चिंचवाड और नासिक, महाराष्ट्र के ज्यादातर बड़े नगर निगम अब BJP के हैं। मराठी मानुस की राजनीति करने वाले उद्धव और राज ठाकरे मुंबई तक सिमट गए। BJP के सहयोगी एकनाथ शिंदे सिर्फ ठाणे जीत पाए। BJP का साथ छोड़ चाचा शरद पवार के साथ चुनाव लड़े अजित पवार सबसे बड़े लूजर बन गए। कांग्रेस लातूर और चंद्रपुर के अलावा हर जगह हार गई। पढ़ें चुनाव का एनालिसिस...