ये देश की पहली ऐसी ठगी होगी, जिसमें ठग और पेमेंट करने वाले साथ-साथ थे, लेकिन जब तक नटवरलाल का गेम समझ आया तब तक बहुत देर हो चुकी थी. नटवरलाल ने खुद को दिल्ली का सर्राफा कारोबारी बताकर ज्वैलरी खरीदवाई और मेरठ के दूसरे बड़े कारोबारी को झांसा देकर एक करोड़ की रकम जमा करा ली.