देश की सबसे अनूठी ऑटोमैटिक तकनीक वाली पहली पार्किंग:हैदराबाद के नामपल्ली में है ये पार्किंग, 10 मंजिलों में 250 कारें और 200 दोपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं

पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए हैदराबाद के नामपल्ली में देश की पहली पूर्णतः ऑटोमैटिक पार्किंग शुरू की गई है। 10 मंजिलों में 250 कारें और 200 दोपहिया वाहन यहां खड़े हो सकते हैं। कार का शुल्क 30 रुपए और दोपहिया का 10 रुपए प्रति घंटा है। यह दुनिया की पांचवीं और भारत की पहली अनअटेंडेड (बिना स्टाफ) पार्किंग है। इसी साल जनवरी में शुरू हुई है। इसकी लागत 200 करोड़ रुपए आई है। पार्क करने में एक मिनट से भी कम, वापस लाने में 2 मिनट - पार्किंग सिस्टम में पहुंचते ही क्यूआर कोड वाला स्मार्ट कार्ड दिया जाता है। गाड़ी टर्नटेबल पर हैंडब्रेक लगाकर रखनी होती है। बाकी काम (गाड़ी घुमाना, लिफ्ट करना, सही स्लॉट में फिट करना) रोबोटिक और सेंसर से होता है। मानव दखल की जरूरत नहीं होती। - वाहन वापस लेने के लिए कार्ड स्वाइप करते ही सिस्टम पार्किंग प्लेटफॉर्म से कार वापस ले आता है। पार्क करने में एक मिनट से कम और वापस लाने में 2 मिनट लगते हैं। - दिल्ली, मुंबई में मौजूद सिस्टम ‘पैलेट्स’ (प्लेटफॉर्म) का उपयोग करते हैं। हैदराबाद का यह सिस्टम जर्मनी की पैलिस तकनीक पर आधारित है, जो बिना पैलेट के सीधे पहियों को पकड़कर कार पार्क करता है। यह तकनीक भारत में पहली बार इस्तेमाल हुई है। यह गाड़ी के आकार के अनुसार पार्क करता है।