सैन्य अधिकारियों के किताब लिखने पर रोक नहीं, लेकिन नई गाइडलाइन जारी कर सकती है सरकार

सूत्रों के मुताबिक रिटायर्ड अधिकारियों को किताब लिखने से सीधे तौर पर नहीं रोका गया है, लेकिन आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम रिटायरमेंट के बाद भी लागू रहता है. मतलब कि अगर कोई फौजी रिटायरमेंट के बाद गोपनीय या संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक करता है, तो उसे अपराध माना जाएगा.