हकीकत से ज्यादा हसीन है अल्ट्रा-रिच लोगों की दुनिया

अल्ट्रा-रिच वर्ग के लिए अब लग्जरी का मतलब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि बेजोड़ गोपनीयता और निजी अनुभव है. निजी आइलैंड से लेकर पूरे स्टेडियम बुक करने तक, ये रईस अपनी हर कल्पना को हकीकत बना रहे हैं. नतीजतन, 2033 तक यह ग्लोबल मार्केट कई विकसित देशों की जीडीपी को भी पीछे छोड़ देगा.