24 दिसंबर 2025 को जस्टिस मिलिंद जाधव की बेंच ने अंतरिम राहत देते हुए कहा था कि RBI के निर्देशों के तहत होने वाले फॉरेंसिक ऑडिट को वैधानिक ऑडिट के मानकों पर खरा उतरना चाहिए. अब डिवीजन बेंच के इस फैसले के बाद बैंकों की फ्रॉड कार्रवाई का रास्ता फिर से साफ हो गया है.