'थलपति बनाम थलपति'... तमिलनाडु में स्टालिन की DMK मशीनरी के सामने आ गए एक-अकेले विजय

17वीं शताब्दी के आखिर में गुरु गोविंद सिंह ने अपने सिपाहियों में मनोबल भरने के लिए कहा था ‘चिड़िया नाल मैं बाज लड़ाऊं...’. वे अपनी फौज को मुगलों से मुकाबले के लिए तैयार कर रहे थे. अब ऐसा ही कुछ सुदूर दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में डीएमके बनाम विजय की लड़ाई में दिख रहा है. एक तरफ स्टालिन के नेतृत्व वाली विशाल चुनाव मशीनरी है, तो सामने हैं अकेले विजय.