बंजिंग जंपिंग- 65 वर्षीय गुरमीत ने खाई में लगाई छलांग:बेटे-बेटी ने चीयर कर कहा- गो मम्मी गो; लोग बोले- ये हैं असली वंडर वुमन

डर? वो क्या होता है? जब नीचे 117 मीटर गहरी खाई देखी, तो डर नहीं, रोमांच महसूस हुआ। बस मन में एक ही बात थी- आज तो उड़ना है। यह शब्द उस 65 वर्षीय महिला के हैं, जिन्होंने इस उम्र में वह कर दिखाया जिसे करने में अच्छे-भले युवाओं के पसीने छूट जाते हैं। मेरठ की रहने वाली गुरमीत सिंह ने ऋषिकेश की वादियों में 117 मीटर की ऊंचाई से बंजी जंपिंग कर न केवल एक नया कीर्तिमान रचा है, बल्कि उम्र को महज एक आंकड़ा साबित कर दिया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा रहा है और लोग उन्हें 'वंडर वुमन' कह रहे हैं। बीती 18 फरवरी को जब मेरठ का यह परिवार ऋषिकेश पहुंचा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि घर की सबसे बुजुर्ग सदस्य कुछ ऐसा करेंगी कि पूरा देश उनका कायल हो जाएगा। गुरमीत अपनी बेटी वर्षा चौधरी और अपने बेटे के साथ छुट्टियां बिताने आई थीं। ऋषिकेश के नीलकंठ रोड स्थित 'हिमालयन वन' बंजी जंपिंग सेंटर पर जब वह पहुंचीं, तो उनकी आंखों में डर की जगह एक चमक थी। बेटी वर्षा बताती हैं, मम्मी का यह प्लान काफी पुराना था। हम पहले भी यहां आए थे, तब भीड़ और वेटिंग की वजह से नंबर नहीं आया। इस बार मौका मिला तो मम्मी ने एक सेकंड की भी देरी नहीं की। हमने उन्हें बिल्कुल रोका नहीं , बल्कि चीयर किया- गो मम्मी गो! 117 मीटर की ऊंचाई से लहराया हाथ वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब ट्रेनर्स गुरमीत को हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) बांध रहे थे, तब भी उनके चेहरे पर मुस्कान थी। जैसे ही 'थ्री-टू-वन-बंजी' की आवाज गूंजी, गुरमीत ने बिना झिझके नीले आसमान और गहरी खाई के बीच छलांग लगा दी। हवा में झूलते हुए वह डर के मारे चीखीं नहीं, बल्कि दोनों हाथ लहराकर अपनी खुशी का इजहार करती रहीं। नीचे उतरने के बाद उनका पहला शब्द था- ‘एक बार और करा दो!’ दैनिक भास्कर से बात करते हुए गुरमीत सिंह 117 मीटर की ऊंचाई से छलांग लगाने के अनुभव को याद करते हुए हंस पड़ीं। उन्होंने कहा, “डर बिल्कुल नहीं लगा। नीचे गहरी खाई दिख रही थी, लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। यह मेरी विश-लिस्ट में था। मुझे एडवेंचर पसंद है। जब नीचे गिर रही थी, तो ऐसा लगा जैसे चिड़िया की तरह उड़ रही हूं। उन्होंने बताया- मेरा परिवार ही मेरी ताकत है। बच्चों ने कहा- अगर आपका मन है तो जरूर कीजिए। उनके प्रोत्साहन से ही मैंने छलांग लगाई। फिटनेस के सवाल पर गुरमीत सिंह ने इसे किसी खास डाइट या जिम से नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, मैं सादा जीवन जीती हूं। रोज टहलती हूं और खुश रहने की कोशिश करती हूं। परिवार के साथ समय बिताना ही मुझे ऊर्जा देता है। वही मुझे सक्रिय और जवान महसूस कराता है। बातचीत के दौरान यह साफ था कि उनके लिए यह सिर्फ एक एडवेंचर एक्टिविटी नहीं, बल्कि लंबे समय से संजोई इच्छा पूरी होने का क्षण था। 'स्काई डाइविंग' है अगला प्लान गुरमीत सिंह यहीं रुकने वाली नहीं हैं। उनकी बेटी वर्षा ने बताया कि मम्मी का अगला टारगेट 'स्काई डाइविंग' है। हाल ही में यह परिवार सिंगापुर ट्रिप पर भी गया था, वहां भी गुरमीत ने कई एडवेंचर एक्टिविटीज में हिस्सा लिया था। अब वह किसी विदेशी लोकेशन पर हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने की तैयारी कर रही हैं। वर्षा कहती हैं, मम्मी पूरे परिवार और रिश्तेदारों की फेवरेट हैं। मेरे पैर में फ्रैक्चर था इसलिए मैं नहीं कूद पाई, लेकिन मम्मी को देखकर मेरा सारा दर्द गायब हो गया। आयोजक बोले- ऐसी जज्बे वाली महिला पहली बार देखी बंजी जंपिंग सेंटर 'हिमालयन वन' के संचालक रविंद्र सिंह नेगी ने दैनिक भास्कर को बताया कि उनके सेंटर पर सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है। जंप से पहले 4 से 5 बार सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती है। पार्टिसिपेंट से उनकी सेहत के बारे में पूछा जाता है। हालांकि, कोई मेडिकल टेस्ट नहीं होता, लेकिन दिल की बीमारी या गंभीर समस्या होने पर अनुमति नहीं दी जाती। नेगी ने बताया कि इससे पहले एक 73 वर्षीय विदेशी महिला ने जंप किया था, लेकिन भारतीय बुजुर्ग महिलाओं में गुरमीत सिंह का उत्साह और कॉन्फिडेंस मिसाल है। पति बैंक कर्मचारी, खुद रहीं हाउसवाइफ गुरमीत सिंह के पति पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे। अब वह एक हाउसवाइफ के तौर पर अपना जीवन बिता रही हैं, लेकिन उनका यह कदम समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो उम्र के कारण अपने सपनों को दबा देती हैं। गुरमीत सिंह सिंह ने साबित कर दिया है कि 'बूढ़ा' शरीर नहीं, सोच होती है। अगर मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो, तो 65 की उम्र में भी आसमान छोटा पड़ जाता है। सोशल मीडिया पर आ रहे मजेदार कमेंट्स वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, यही असली जिंदगी है। लोग रिटायरमेंट के बाद बैठ जाते हैं, लेकिन इन्होंने तो उड़ना शुरू किया है। वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा, इन्होंने अपनी बकेट लिस्ट टिक कर ली है, अब हमारी बारी है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें : दिल्ली में राहुल गांधी से मिले 'मोहम्मद दीपक': गले लगाया; बोले- कोटद्वार आकर तुम्हारे जिम की मेंबरशिप लूंगा उत्तराखंड के कोटद्वार में 'बाबा' शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया। एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को बचाने के लिए खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने आज दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। (पढ़ें पूरी खबर)